रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा और स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता सहित कई मांगों पर बनी सहमति, वार्ता के बाद फिर शुरू होगा निर्माण कार्य
भुरकुंडा (रामगढ़)। ग्राम बलकुदरा, जयनगर, रसदा एवं गेगदा के ग्रामीणों द्वारा पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) प्रबंधन के कथित अड़ियल रवैये और लंबित मांगों के विरोध में ऐश डैम पर चल रहे ऐश माउंट निर्माण कार्य का किया गया अनिश्चितकालीन बहिष्कार गुरुवार को समाप्त हो गया। पीवीयूएनएल प्रबंधन एवं तीनों पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी, जिसके उपरांत ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित करते हुए निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ करने की घोषणा की।

बैठक में पंचायत प्रतिनिधि विजय मुंडा, लालू महतो एवं बिजेंद्र मुंडा के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वार्ता के दौरान ग्रामीणों की कई प्रमुख मांगों पर प्रबंधन ने सहमति जताई और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में पीवीयूएनएल प्रबंधन ग्रामीणों से किए गए वादों को पूरा नहीं करता और समन्वय बनाकर कार्य नहीं करता है, तो ग्रामीण पुनः व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में हरि प्रसाद सिंह, मेघा प्रजापति, शंकर प्रजापति, खुर्शीद अंसारी, आनंद कुमार, अंकित कुमार, संतोष मुंडा, विकास कुमार, सनोज केरकेट्टा, मनोज मुंडा, विपिन उरांव, सचिन कुमार, रोहित कुमार, राम प्रसाद प्रजापति, प्रेमनाथ यादव, महावीर महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
इन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
पीवीयूएनएल में कार्यरत एजेंसियों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यरत श्रमिकों को नियमों के अनुरूप 60 वर्ष की आयु तक रोजगार की निरंतरता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
विस्थापित एवं प्रभावित क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा तथा युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप कार्य दिया जाएगा।
ऐश डैम क्षेत्र के अंदर बसे परिवारों का शीघ्र पुनर्वास किया जाएगा तथा रैयत किसानों को धान की फसल के नुकसान का लंबित मुआवजा जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। स्थानीय संवेदकों एवं सहकारी समितियों को 50 प्रतिशत तक के ठेका कार्यों में प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। बैठक में पीवीयूएनएल प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में चालू होने वाली नई इकाइयों में स्थानीय लोगों को रोजगार और अन्य अवसरों में पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
