रैयत विस्थापित-प्रभावित ग्रामीणों की हुई बैठक
भुरकुंडा (रामगढ़)। रैयत विस्थापित-प्रभावित ग्रामीणों की बैठक रविवार को जयनगर में हुई। इसकी अध्यक्षता बलकुदरा मुखिया विजय मुंडा व संचालन जयनगर मुखिया हीरा देवी व अनिकेत सोनी ने संयुक्त रूप से किया। बताया गया कि पूर्व में रामगढ़ उपायुक्त की अध्यक्षता में हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल व बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी की मौजूदगी व पीवीयूएनएल प्रबंधन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी।
इसमें स्पष्ट किया गया था कि विशेष कर चार गावों बलकुदरा, जयनगर, गेगदा व रसदा के रैयतों से जमीन अधिग्रहण किया गया था। उस समय रैयतों को जमीन अधिग्रहण के बदले न तो मुआवजा मिला, न नौकरी और ना ही पुनर्वास की व्यवस्था की गई। इस लिए चार गावों के रैयतों को नियोजन में प्राथमिकता दी जाए। इस दौरान यह भी कहा गया कि अन्य 24 गांवों के बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया जाए।
बैठक में पीवीयूएनएल प्रबंधन पर विरोध जताते हुए कड़े शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन के निर्देशों का उलंघन एवं हमारी मांगों पर प्रबंधन वार्ता नहीं करती है तो नववर्ष में ऐश मांउन्ट निर्माण कार्य को अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाएगा। बैठक में विनोद कुमार, सनोज रजक, दिलीप महतो, पप्पू उरांव, सुमंति देवी, सूरज सोनी, अर्जुन सिंह, पंचम साव, संदीप कुमार, मुकेश कुमार, प्रेम मुंडा, संदीप मुंडा, गौतम गोप, अमर मुंडा, पूनम देवी, आरती देवी, गीता देवी, देवंती देवी, चरकी देवी, चंदन कुमार ठाकुर, दीपक महली सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।


