बलकुदरा माइंस में उत्पादन व सम्प्रेषण ठप, बैंक शाखाएं भी रहीं बंद, विद्युत आपूर्ति ठप
भुरकुंडा (रामगढ़)। केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर संयुक्त मोर्चा द्वारा की गई हड़ताल का भुरकुंडा, सौंदा डी और सेंट्रल सौंदा क्षेत्र में व्यापक असर देखने को मिला। भुरकुंडा कोलियरी अंतर्गत बलकुदरा माइंस में ओबी हटाने और कोयला उत्पादन का कार्य सुबह से ही पूरी तरह ठप रहा। कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण कोलियरी क्षेत्र की आवासीय कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।

संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने बताया कि हड़ताल को लेकर कर्मचारियों में जबरदस्त एकजुटता देखने को मिली। जिन कर्मचारियों का शीघ्र सेवानिवृत्ति का समय निकट है, उन्हें हड़ताल से छूट दी गई थी, बावजूद इसके बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए। हड़ताल के कारण भुरकुंडा कोलियरी को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। इधर सौंदा डी कोलियरी और सेंट्रल सौंदा साइडिंग में भी हड़ताल का व्यापक प्रभाव पड़ा।

ट्रांसपोर्टिंग और लोडिंग कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे, जिससे कोयला आपूर्ति बाधित हुई। हड़ताल का असर बैंकिंग सेवाओं पर भी पड़ा। पटेलनगर स्थित बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं बंद रहीं, जिससे आम लोगों को लेन-देन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं हड़ताल को लेकर काफी समय तक विद्यतु आपूर्ति ठप रहा, जिसके कारण आमजनो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हड़ताल को सफल बनाने में अशोक गुप्ता, विकास कुमार, रमाकांत दूबे, नरेश मंडल, पप्पू सिंह, संजय मिश्रा, लखेंद्र राय, संजय वर्मा, मनोज कुमार, अशोक राम, शैलेन्द्र सिंह, विकास कांत सिन्हा, अजीत कुमार, अनुज कुमार, नौसाद आलम, आशीष गुप्ता, बेलो शर्मा, किशुन नायक, रंजीत कुमार, संतोष कुमार, आलोक पुरखैत, जोगेंद्र ठाकुर, अफजल हुसैन, बिरेंद्र कुमार, मंजूर अंसारी, गणेश, विजय कुमार यादव, संतोष कुमार, जगदीश, मनोज कुमार, सूरज करमाली, बासदेव उरांव, किरण कुमार, सत्यानारायण ठाकुर, संतोष यादव, सुभाष तिवारी, इतवा मुंडा, राजेंद्र मुंडा और संजय नाथ करमाली सहित अन्य की सक्रिय भूमिका रही।


