रिपोर्ट : कृष्णा करमाली।
चितरपुर (रामगढ़)। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर रामगढ़ जिले के मनरेगा कर्मी अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर पिछले 103 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। कर्मियों का आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन जारी रहने के बावजूद राज्य सरकार एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।
संघ के नेताओं ने बताया कि सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए राजभवन, रांची के समीप रामगढ़ जिला इकाई के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद, जिला उपाध्यक्ष लखन सिंह मुंडा तथा दुलमी प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल कलाम आजाद भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याओं की सुध नहीं ली जा रही है।
रामगढ़ जिला सचिव कुमार विवेक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो जिले के सभी विधायकों के आवास के समक्ष भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के पैतृक आवास मुरुबंदा के समक्ष 5 जुलाई 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मी लंबे समय से अपनी सेवा संबंधी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और सरकार को उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए। मौके पर पतरातू प्रखंड अध्यक्ष दशरथ यादव, बलेश्वर महतो, शत्रुघ्न सिन्हा, रामप्रवेश सिंह, विजय महतो, आशीष सिंह मानकी सहित कई मनरेगा कर्मी उपस्थित थे।