रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) से संबंधित समीक्षा बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों की रैंकिंग बेहतर बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त ने बेसिक हेल्थकेयर सेवाओं में पाई गई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में प्रसव की संख्या सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों का एनक्यूएएस मूल्यांकन 85 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान चिन्हित किए गए 10 सामान्य गैप्स को शीघ्र दूर करने करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों के एक्सपोजर विजिट को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने आवंटित फंड से आवश्यक मेडिकल उपकरणों की खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के स्तर से स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराई जाएगी। सभी लेबर रूम में आवश्यक सुधार करने, नए निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा निर्माण कार्य पूर्ण होते ही भवनों का हैंडओवर लेने का निर्देश दिया गया।
भविष्य में बनने वाले नए स्वास्थ्य केंद्रों में लेबर रूम एवं आवासीय परिसर की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। टीकाकरण एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जुलाई माह के अंत तक सभी चिन्हित स्वास्थ्य केंद्रों का एनक्यूएएस आवेदन पूर्ण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी ड्यू लिस्ट उपलब्ध रखने, वीएचएसएनडी कार्यक्रमों का नियमित संचालन करने तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को स्वयं वैक्सीनेशन साइट का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के लक्ष्य को 85 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक प्राप्त करने तथा अन्य सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश भी दिया गया। लेबर रूम से संबंधित लंबित कार्यों के लिए संबंधित विभाग को पत्राचार करने का निर्णय लिया गया।