भुरकुंडा (रामगढ़)। उरीमारी के जरजरा बस्ती में गुरुवार को 17वां सरना स्थापना दिवस बड़े ही हर्षाेल्लास, श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर सरना धर्म एवं संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
कार्यक्रम की शुरुआत धर्मगुरु संजीत बेदिया और पुजारी हैंजरा पाहान द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर की गई। पूजा के दौरान घर-परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की गई। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला मुख्य आकर्षण रहा। नागपुरी म्यूजिशियन रंगीला ग्रुप के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक नागपुरी गीत-संगीत प्रस्तुत कर पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया।
लोकगीतों और पारंपरिक धुनों पर लोगों ने जमकर आनंद उठाया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और देर शाम तक कार्यक्रम का सिलसिला जारी रहा। आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर अध्यक्ष राजेंद्र बेदिया, सचिव प्रवीण बेदिया, कोषाध्यक्ष रवि बेदिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य शिवराज बेदिया, पोटंगा पूर्वी पंसस किशोर बेदिया, शिव शंकर बेदिया, सुनील बेदिया, रामदेव बेदिया, रूपेश बेदिया, रंजीत बेदिया, बिजेंद्र बेदिया, चुन्नू लाल, छोटे लाल बेदिया, बरसा बेदिया, प्रेम बेदिया, तुलसी बेदिया, उमेश बेदिया, जनता बेदिया, देवन बेदिया, निखिल चौधरी, संरक्षक सत्नारायण बेदिया, जितेंद्र बेदिया, नागेश्वरी बेदिया, जगमोहन बेदिया सहित अनेक लोगों का सराहनीय योगदान रहा।
आयोजकों ने कहा कि सरना स्थापना दिवस केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को सहेजने का एक महत्वपूर्ण पर्व है। कार्यक्रम के सफल आयोजन से क्षेत्र में उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।