रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। आगामी मोहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त ऋतुराज एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत द्वारा गुरुवार को सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त ने मोहर्रम पर्व के मद्देनजर जिले में की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सभी अधिकारी पूरी तरह सतर्क एवं सजग रहें। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शांति समिति सदस्यों एवं सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, जुलूस मार्गों का नियमित निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश कुमार लुनायत ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जुलूसों एवं अखाड़ों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा निर्धारित मार्गों एवं समय का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने असामाजिक तत्वों एवं अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सतत मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्ती अभियान चलाने तथा आमजन के साथ संवाद स्थापित कर विश्वास का वातावरण बनाए रखने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक अथवा भड़काऊ सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को मोहर्रम पर्व के पूर्व एवं पर्व के दौरान फ्लैग मार्च आयोजित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि फ्लैग मार्च के माध्यम से आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण सुदृढ़ होगा तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग मिलेगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए उसका निष्पादन सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को पर्व के दौरान सतत क्षेत्र भ्रमण करने, शांति समिति के सदस्यों के साथ संपर्क बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को रोकने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलेवासियों से भी आपसी सद्भाव, सहयोग एवं संयम बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की।