खनिज संशोधन विधेयक पारित के खिलाफ 19 सितंबर को रामगढ़ मे झामुमों का धरना प्रदर्शन
रजरप्पा। झारखंड मुक्ति मोर्चा रामगढ़ जिला कार्यालय मे 15 सितंबर को कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता रामगढ़ जिला झामुमो के संयोजक मंडली प्रमुख विनोद किसको ने किया तथा संचालन जिला प्रवक्ता संतोष कुमार ने की इस मौके पर बिनोद किस्कू ने उपस्थित सभी प्रखंडों से पहुंचे प्रखंड अध्यक्ष एवं कार्यकर्ताओं को कहा कि लोकसभा एवं राज्यसभा में 13 सितंबर को खनिज संशोधन विधेयक पारित किया गया इसके विरोध में झारखंड के सभी प्रखंडों में जोरदार आंदोलन एवं प्रदर्शन किया जाएगा
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह काला कानून झारखंड में कदापि नहीं चलने दिया जाएगा, खनिज हमारा तो रॉयल्टी का लेखा-जोखा राज्य सरकार के अधीन हो, भाजपा की मोदी सरकार केंद्र में बड़े-बड़े उद्योगपतियों को झारखंड के खानी संपदा की लूट करना चाहती है पूरे प्रदेश में झामुमो का संघर्ष झारखंडियों की हक और अधिकार दिलाने के लिए लंबी संघर्ष करेगा, उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत झारखंड की खनिज संपदा का दोहन किया जा रहा है जिसका झारखण्ड मे जोरदार धरना विरोध प्रदर्शन का आयोजन होगा,
अब झारखंड की खनिज्य सम्पदा का रॉयल्टी केंद्र के कब्ज में नहीं जाने देंगे पूरे झारखंड प्रदेश में जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का भी आयोजन किया जा सकता है, इस मौके पर उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय के अनुसार धरना प्रदर्शन का आयोजन 7 सितंबर को किया जाना था परंतु झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री सुदीप कुमार सोनू काका अचानक निधन होने से कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था,रांची मे पुनः केंद्रीय समिति के निर्णय के पश्चात 19 सितंबर को सभी प्रखंडों में धरना एवं प्रदर्शन कर खनिज संशोधन बिल विधायक के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा,

संयोजक ने पूरे जिला भर के सभी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि केवल तीन दिन का समय बचा है और पार्टी कार्यकर्ता जोर-शोर से प्रचार प्रसार में प्रखंड स्तर पर लग जाए तथा ग्रामीणों की उपस्थिति भारी संख्या में हो सके,अपने-अपने क्षेत्र की जिम्मेवारी के साथ महिला पुरुष धरना प्रदर्शन में शामिल होने का काम करें।
इस मौके पर झामुमो रामगढ़ जिला महिला मोर्चा के सचिव गीता देवी किशोर मोदक राजकुमार सा हु रामकुमार मांझी संजय मांझी राजेंद्र महतो फखरुद्दीन अंसारी भोलाराम शुभम कुमार मानाराम मांझी सुनील बेदिया सुमित बेदिया अब्दुल कलाम बिरजू सोरेन, उमेश कुमार महतो, मकसूद खान उदय कुमार, तूरी महेशसिंह, नरेश हांसदा, मो.सकिल अंसारी आजाद राय शिवलाल हसदा सहित कई दर्जन कार्यकर्ता मौजूद थे ।
