BREAKING NEWS
व्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को दिया अर्घ्यरामगढ़ में अवैध कोयला खनन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई: जिला प्रशासन ने कंट्रोल ब्लास्टिंग कर ध्वस्त किया अवैध मुहानामंगला जुलूस मे जय श्री राम बजरंग बली की जय उद्घोष से गुंजा रामगढ़रामनवमी मंगला जुलूस को लेकर रामगढ़ में कड़ी सुरक्षा, 700 से अधिक पुलिस बल तैनातरामगढ़ में अवैध कोयला उत्खनन पर संयुक्त कार्रवाई, कई मुहानों को किया गया बंदडाक जीवन बीमा महामेला में रिकॉर्ड कारोबार, एक दिन में 1.38 करोड़ की पॉलिसीविश्व यक्ष्मा दिवस पर रामगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन को जनभागीदारी पर जोररंजू देवीः हड़िया-दारू के अंधकार से स्वावलंबन के उजाले तकअखाड़ा परंपरा हमारी पहचान है, इसे सशक्त बनाना हम सबकी जिम्मेदारी : राजीव जायसवालराष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय 'स्वास्थ्य आरोग्य दूत संवाद' कार्यक्रम का आयोजनबजरंग दल ने गोला में निकाली भव्य मंगला शोभायात्रा,रामभक्तों का उमड़ा जनसैलाबचैती छठ पूजा पर छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्यचैती छठ पूजा पर संध्या अर्घ्य के समय घाटों पर श्रद्धालुओं का दिखा आस्थामंझला चुम्बा छठ घाट पर पहले अर्घ्य के साथ चैती छठ पर्व की शुरुआतचूरचू प्रखंड में मुखिया देवकी द्वारा मूंग की बीज का किया वितरण
No menu items available
BREAKING
व्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को दिया अर्घ्यरामगढ़ में अवैध कोयला खनन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई: जिला प्रशासन ने कंट्रोल ब्लास्टिंग कर ध्वस्त किया अवैध मुहानामंगला जुलूस मे जय श्री राम बजरंग बली की जय उद्घोष से गुंजा रामगढ़रामनवमी मंगला जुलूस को लेकर रामगढ़ में कड़ी सुरक्षा, 700 से अधिक पुलिस बल तैनातरामगढ़ में अवैध कोयला उत्खनन पर संयुक्त कार्रवाई, कई मुहानों को किया गया बंदडाक जीवन बीमा महामेला में रिकॉर्ड कारोबार, एक दिन में 1.38 करोड़ की पॉलिसीविश्व यक्ष्मा दिवस पर रामगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन को जनभागीदारी पर जोररंजू देवीः हड़िया-दारू के अंधकार से स्वावलंबन के उजाले तकअखाड़ा परंपरा हमारी पहचान है, इसे सशक्त बनाना हम सबकी जिम्मेदारी : राजीव जायसवालराष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय ‘स्वास्थ्य आरोग्य दूत संवाद’ कार्यक्रम का आयोजनबजरंग दल ने गोला में निकाली भव्य मंगला शोभायात्रा,रामभक्तों का उमड़ा जनसैलाबचैती छठ पूजा पर छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

व्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को दिया अर्घ्य
5 days ago
रामगढ़ में अवैध कोयला खनन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई: जिला प्रशासन ने कंट्रोल ब्लास्टिंग कर ध्वस्त किया अवैध मुहाना
5 days ago
मंगला जुलूस मे जय श्री राम बजरंग बली की जय उद्घोष से गुंजा रामगढ़
5 days ago
रामनवमी मंगला जुलूस को लेकर रामगढ़ में कड़ी सुरक्षा, 700 से अधिक पुलिस बल तैनात
5 days ago
रामगढ़ में अवैध कोयला उत्खनन पर संयुक्त कार्रवाई, कई मुहानों को किया गया बंद
5 days ago
Advertisement

रजरप्पा कोयलांचल एवं चितरपुर में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन त्यौहार

हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक करें! रजरप्पा । रजरप्पा व चितरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में...

रजरप्पा । रजरप्पा व चितरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को भाई बहन का पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन धूमधाम के साथ संपन्न हो गया। सावन माह की पूर्णिमा तिथि को बहनों ने भाइयों की कलाई में राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना किया। वहीं भाइयों ने भी उन्हें कुछ उपहार भेंट किया।

साथ ही उसकी रक्षा का संकल्प दोहराया। क्षेत्र में रक्षाबंधन को लेकर सुबह से ही उत्साह का माहौल था। रक्षाबंधन को लेकर राखी की दुकानों में काफी भीड़ देखी गई। बहने राखी की खरीदारी में व्यस्त रहे। वहीं मिठाई की दुकानों में भी काफी चहल पहल देखी गई। अहले सुबह सभी बहने मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की। तत्पश्चात अपने अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधी।

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है?

विज्ञापन

रक्षाबंधन से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं, जो इस त्योहार के महत्व को दर्शाती हैं, यहां हम इन सभी कथाओं के बारे में आपको बताएंगे…

रक्षाबंधन से जुड़ी द्रौपदी और श्रीकृष्ण की कथा रक्षाबंधन से जुड़ी इस कथा के अनुसार एक बार भगवान श्रीकृष्ण के हाथ में चोट लग गई थी जिससे लगातार खून बह रह था तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर श्रीकृष्ण की उंगली पर बांध दिया, जिससे उनका खून बहना रुक गया। भगवान कृष्ण ने इस प्रेम और विश्वास के बदले द्रौपदी को उनकी रक्षा का वचन दिया। बाद में जब कौरवों ने द्रौपदी का चीरहरण करने की कोशिश की थी तो श्रीकृष्ण ने उनकी रक्षा की थी। यह कथा रक्षाबंधन के रक्षा सूत्र के महत्व को दर्शाती है।

रक्षाबंधन से जुड़ी इंद्र और इंद्राणी की कथा भविष्य पुराण के अनुसार जब देवासुर संग्राम में इंद्र असुरों से हार रहे थे, तब उनकी पत्नी इंद्राणी ने एक रक्षा सूत्र तैयार करके इंद्र की कलाई पर बांधा। जिससे इंद्र देव ने युद्ध में विजय प्राप्त की। कहा जाता है कि इस घटना के बाद से ही रक्षासूत्र बांधने की परंपरा की शुरुआत हुई थी। कालांतर में यह त्योहार भाई-बहनों का त्योहार बन गया। आज के समय में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुरक्षा की कामना करती हैं।

राखी से जुड़ी राजा बलि और माता लक्ष्मी की कथा विष्णु पुराण के अनुसार जब भगवान विष्णु ने अपने वामन अवतार में राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी और उनका सारा राज्य ले लिया, तब बलि ने भगवान विष्णु को अपने साथ रहने का अनुरोध किया। तब माता लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधकर उन्हें भाई बनाया और श्री हरि विष्णु भगवान को वापस वैकुंठ ले गईं।

रक्षाबंधन का ऐतिहासिक महत्व है जनश्रुति के अनुसार रानी कर्णावती ने अपने राज्य पर हो रहे आक्रमण से रक्षा करने के लिए मुगल सम्राट हुमायूं को राखी भेजी थी और हुमायूं ने भी इसे स्वीकार कर रानी की रक्षा का वचन दिया था। हालांकि, वह समय पर नहीं पहुंच सके और रानी कर्णावती ने जौहर कर लिया। लेकिन हुमायूं ने बाद में बहादुर शाह को हराया और विक्रमादित्य को मेवाड़ की गद्दी पर बैठाया।

G. Reddy

जी रेड्डी एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। वे "समाचार संध्या" नामक वेब पोर्टल संचालित करते हैं, जो समसामयिक घटनाओं पर गहरी विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग करता है। उनका उद्देश्य समाज को सही और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करना है।
Scroll to Top