कम प्रगति वाले मतदान केन्द्रों पर 13 से 15 जून तक आयोजित होंगे विशेष शिविर, जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। जिला निर्वाचन पदाधिकारीसह उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में गुरुवार को गूगल मीट के माध्यम से 22-बड़कागांव विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र एवं 23-रामगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एयरो) तथा 70 प्रतिशत से कम मतदाताओं की मैपिंग करने वाले बीएलओ सुपरवाइजरों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मतदाता मैपिंग कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संतोषजनक मैपिंग प्रतिशत प्राप्त नहीं होने के कारणों की जानकारी लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि अनमैप्ड मतदाताओं की सूची तैयार कर प्रत्येक मतदाता की मैपिंग नहीं होने के वास्तविक कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए तथा संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मतदाता मैपिंग कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी कम प्रगति वाले (कम प्रदर्शन) मतदान केन्द्रों पर दिनांक 13 जून से 15 जून 2026 तक विशेष शिविर (विशेष शिविर) आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उक्त अवधि के दौरान नुक्कड़ नाटक, माइकिंग, चुनाव पाठशाला, ग्राम चौपाल एवं अन्य जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक मतदाता मतदाता मैपिंग कार्यक्रम से जुड़ सकें।
साथ ही संबंधित मतदान केन्द्रों पर कैम्प मोड में कार्य करते हुए मतदाता मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में संबंधित बीएलओ सुपरवाइजरों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे आगामी तीन दिनों के भीतर अपने आवंटित मतदान केन्द्रों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत मैपिंग वृद्धि सुनिश्चित करें। निर्धारित लक्ष्य प्राप्त नहीं होने की स्थिति में संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनका मासिक वेतन स्थगित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित ईआरओ एवं एईआरओ को निर्देशित किया कि वे एसआईआर-2026 के अंतर्गत संचालित सभी गतिविधियों की सतत निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु आगामी दो दिनों के भीतर अपने-अपने कार्यालयों में स्पेशल सेल (विशेष प्रकोष्ठ) का गठन कर उसे पूर्णतः क्रियाशील बनाएं। उन्होंने कहा कि इससे सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।