रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। दामोदर नदी तट स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सांकेतिक समाधि (राजघाट) एवं मुक्तिधाम में जनसुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण की मांग को लेकर अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, प्रबंधक एवं सदस्यों की ओर से रामगढ़ के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि दामोदर नदी के किनारे स्थित महात्मा गांधी की सांकेतिक समाधि और मुक्तिधाम ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है।
यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं तथा छठ महापर्व के दौरान लाखों श्रद्धालु भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के लिए एकत्रित होते हैं। ऐसे में यहां मूलभूत सुविधाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। ज्ञापन में उपायुक्त से मांग की गई है कि थाना चौक से दामोदर जाने वाले मार्ग पर “गांधी घाट–मुक्तिधाम” नाम अंकित भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जाए, जिससे लोगों को स्थल की पहचान होने के साथ शहर की सुंदरता भी बढ़े।
इसके अलावा थाना चौक से दामोदर नदी तक सड़क किनारे कॉरिडोर का निर्माण आकर्षक फैंसी लाइटों के साथ कराया जाए, ताकि लोग इस ऐतिहासिक स्थल तक आसानी से पहुंच सकें। छठ महापर्व को ध्यान में रखते हुए स्थायी छठ घाट के निर्माण की भी मांग की गई है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में तत्कालीन उपायुक्त के निर्देश पर डीपीओ संतोष भगत द्वारा स्थल का निरीक्षण कर प्रारूप भी तैयार किया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ज्ञापन में कहा गया है कि दामोदर नदी पुल से कई बार लोगों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसे रोकने के लिए पुल के दोनों ओर छह से सात फीट ऊंची सुरक्षा जाली लगाने की मांग की गई है, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही महात्मा गांधी की सांकेतिक समाधि की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं अस्थि कलश से जुड़े इतिहास का विवरण प्रदर्शित करने के लिए सूचना बोर्ड लगाने का भी आग्रह किया गया है।
ज्ञापन के माध्यम से उपायुक्त से अनुरोध किया गया है कि जनहित एवं ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि रामगढ़ की जनता एवं श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।