रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। रामगढ़ जिले में युवाओं को वर्तमान एवं भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कौशल समिति (जिला कौशल समिति-डीएससी) की बैठक आज दिनांक 09 सितंबर 2026 को उपायुक्त, रामगढ़ की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी), श्रम अधीक्षक, जिला नियोजन पदाधिकारी, लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम), झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के प्रतिनिधि, यूएनडीपी के परियोजना सहायक कुलदीप सिंह सहित रामगढ़ जिले के विभिन्न कौशल प्रशिक्षण केंद्रों/प्रशिक्षण सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में मुख्य रूप से जिला कौशल विकास योजना (जिला कौशल विकास योजना-डीएसडीपी) तैयार करने तथा जिले में भविष्य में उभरने वाले रोजगारपरक क्षेत्रों की पहचान पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि जिले में कौशल प्रशिक्षण के लिए सेक्टर एवं पाठ्यक्रमों का चयन स्थानीय एवं क्षेत्रीय उद्योगों की मांग, रोजगार की संभावनाओं तथा भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। बैठक में विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), सौर ऊर्जा (सौर ऊर्जा), ग्रीन जॉब्स (हरित नौकरियां), ड्रोन तकनीक एवं ड्रोन असिस्टेंट/ऑपरेटर जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
अधिकारियों द्वारा इस बात पर जोर दिया गया कि युवाओं को पारंपरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ नई एवं उभरती तकनीकों से संबंधित कौशल प्रदान किया जाए, जिससे उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा सके। बैठक में प्रशिक्षण संस्थानों एवं संबंधित हितधारकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने स्तर से उद्योगों की मांग, उपलब्ध रोजगार अवसर, आवश्यक कौशल, संभावित जॉब रोल एवं प्लेसमेंट की संभावनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे जिले के युवाओं के लिए मांग आधारित एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने में सहायता मिलेगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त, रामगढ़ ने निर्देश दिया कि जिला कौशल विकास योजना (डीएसडीपी) का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, प्रशिक्षण संस्थानों एवं हितधारकों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक जानकारी एवं सुझाव उपलब्ध कराने तथा डीएसडीपी को समय पर अंतिम रूप देने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जिले की कौशल विकास रणनीति केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर रोजगार, स्वरोजगार, उद्योगों की मांग और भविष्य की रोजगार संभावनाओं से सीधे जुड़ी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उभरते हुए क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करना जिला कौशल विकास योजना की महत्वपूर्ण प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक के अंत में सभी संबंधित विभागों एवं प्रशिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि रामगढ़ जिले के लिए एक समग्र, उद्योग-आधारित, भविष्य उन्मुख एवं रोजगारपरक जिला कौशल विकास योजना तैयार की जा सके।
