रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। महान जननेता, प्रखर समाजवादी चिंतक एवं मजदूर आंदोलन के अग्रणी नेता कामरेड ए.के. राय के स्मृति दिवस पर मंगलवार को भाकपा (माले) के रामगढ़ कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भाकपा (माले) के कार्यकारी सचिव बिगेंद्र ठाकुर द्वारा कामरेड ए.के. राय के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए “ए.के. राय अमर रहें” और “ए.के. राय को लाल सलाम” के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया।
श्रद्धांजलि सभा में भुनेश्वर बेदिया, देवकीनंदन बेदिया, सरयू बेदिया, नीता बेदिया, कांति देवी, नितू देवी, बसंती देवी, सीता देवी, मुलैया देवी, सुनीता देवी, संगीता देवी, संजवा देवी, श्रुति देवी, शांति देवी, धनमती देवी, दशमी देवी, सुखमनी देवी, प्रिया देवी, मंजू देवी, पुरनी देवी, नमिता देवी, कविता देवी, पुष्पा देवी, सुरती देवी, शकुंतला देवी, कौशल्या देवी, निमिया देवी, सुधा देवी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कामरेड ए.के. राय ने धनबाद में मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) की स्थापना कर मजदूरों, किसानों और शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। वे दो बार लोकसभा सांसद और दो बार विधायक रहे। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने जीवनभर सादगीपूर्ण जीवन जीते हुए जनसंघर्षों और वामपंथी आंदोलन को मजबूत करने का कार्य किया। उनके विचार, संघर्ष और जनपक्षधर राजनीति आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। श्रद्धांजलि सभा का समापन उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने तथा मजदूर, किसान और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।