प्रकृति की रक्षा हमसबों का दायित्व : पूर्व मंत्री योगेंद्र साव
प्रकृति पर्व सरहुल को ले
रामगढ़। पटेलनगर करमाली टोला सरना पूजा समिति द्वारा सरहुल मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद और विधायक रोशन लाल चौधरी मुख्य रूप से शामिल हुए। पार्षद कार्यक्रम में अतिथियों को बैच लगाकर व पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया। समारोह के बाद गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभा यात्रा निकाली गई।
जुलूस में दर्जनों गांव के अलग-अलग टोलियां पांरपरिक वेशभूषा धारण कर मांदर की थाप पर थिरकते नजर आएं। भुरकुंडा थाना मैदान स्थित समारोह स्थल में कई गांव के जुलूस का मिलान हुआ। इसके पूर्व पटेलनगर सहित अन्य क्षेत्रों से निकले जुलूस में शामिल लोग गाजे-बाजे के साथ क्रमवार नाचते-गाते हुए पटेल नगर, पेट्रोल टंकी, भुरकुंडा बिरसा चौक, जनता टॉकीज, भुरकुंडा बाजार, थाना चौक, न्यू बैरक सरना स्थल होते हुए

थाना मैदान पहुंचे, जहां जुलूस का समापन हुआ। जुलूस को लेकर जगह-जगह विभिन्न संस्थाओं द्वारा स्टॉल लगाकर चना-गुड़, ठंडा पानी, और मीठे शरबत का वितरण किया गया। इसके पूर्व पाहन देव लाल मुंडा और राजेंद्र मुंडा द्वारा पटेल नगर बिरसा चौक में झारखंडी रीति-रिवाज से मां सरना की विधिवत पूजा-अर्चना कराई गई। साथ ही लोगों को सखुआ का फूल खोसा गया।
मौके पर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि सरहुल प्रकृति के उपासना का पर्व है। इसमें झारखंड की सभ्यता व संस्कृति झलकती है। उन्होंने कहा कि सरहुल भाईचारगी और प्रेम का संदेश देता है। श्री साव ने कहा कि सरहुल झारखंड की संस्कृति की पहचान है। पेड़-पौधों और वनों की सुरक्षा हमसबों का दायित्व है।

पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने लोगों को पेड़ों की कटाई न करते हुए अपने जीवन काल में कम से कम एक पौधा जरूर लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरहुल जल, जंगल, जमीन व संस्कृति की रक्षा का संदेश देता है। विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि हमारे सभी पर्व त्यौहार आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश देते हैं। हम सभी को सारे पर्व त्यौहार मिलजुल कर मानना चाहिए। श्री चौधरी ने सबों को सरहुल पूजा की बधाई देते हुए क्षेत्र की हरियाली खुशहाली की कामना की।
दर्जनों गांव के जुलूस का थाना मैदान में हुआ समापन
शोभा यात्रा में शामिल विभिन्न गांवों से निकले जुलूस का भुरकुंडा थाना मैदान में समापन हुआ। शोभा यात्रा में सरहुल पूजा समिति दुंदुवा, करमाली टोला के पटेलनगर बिरसा चौक व चपरासी क्वार्टर, महुआ टोला, कैथोलिक आश्रम, न्यू बैरक, लपंगा, बिरसा नगर, कोल कंपनी, तीन नंबर झोपड़ी, रीवर साईड सहित दर्जनों गांव के जुलूस का मिलान हुआ।
शोभायात्रा कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
शोभायात्रा कार्यक्रम को सफल बनाने में पटेलनगर करमाली टोला सरना पूजा समिति के संस्थापक विक्रम करमाली, राजन करमाली, अध्यक्ष बालेश्वर बेदिया, पूर्व मुखिया रामदास बेदिया, पूर्व पार्षद झरी मुंडा, शशि करमाली, श्रीनाथ करमाली, विक्की करमाली, अरूण करमाली, पृथ्वीराज करमाली, गणेश करमाली, राजेश करमाली, छोटा राजन, रंजीता करमाली, अंजू देवी, सुरज करमाली, जलेश करमाली, रीना करमाली, सोनी करमाली, अनु करमाली, शीला देवी, सुमंत करमाली सहित सैंकड़ों सरना धर्मलंबियों का विशेष योगदान रहा।


