सन 1957 में मंदिर का निर्माण पंडित स्व. भुनेश्वर गिरी एवं ग्रामीणों की सहयोग से की गई थी

रथ द्वितीया के मौके पर श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा की पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते है

रिपोर्ट सज्जाद आरिफ
दुलमी। चितरपुर प्रखंड के पंचायत बड़कीपोना स्थित पोना पर्वत धाम क्षेत्र को जल्द ही पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां रैलिंग, सीढ़ी कार्य को (प्रस्तावित निर्माण) लेकर जिला अभियंता जिला परिषद् रामगढ़ द्वारा डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर लिया गया है, जो अनुमानित 78 लाख 31 हज़ार 585 रुपये की राशि से (वर्ष 2025-26) खुली निविदा (Open Tender) के आधार पर कार्य होगी।

इस बावत पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कई वर्षों से ग्रामीणों की मांग को देखते हुए अथक प्रयास से ग्राम सभा के मध्याम से जिले के डीसी को मांग पत्र सौंपा गया था। उन्होंने कहा कि प्रक्षेत्र में रैलिंग, सीढ़ी आदि कार्य होने से लोगों को चढ़ने में काफी मदद मिलेगी।
आस्था का केंद्र है पोना पर्वत धाम
बघलता अवस्थित पोना धाम प्रक्षेत्र में (1600 फिट ऊपर) भगवान जगन्नाथ की मंदिर हैं। साथ ही प्रक्षेत्र में प्राचीन गुफा भी हैं। गुफा में भगवान भोलेनाथ एवं माँ वैष्णो देवी की प्रतिमा स्थापित है। हर वर्ष रथ द्वितीया के मौके पर मेला का आयोजन होता है, जहां हज़ारों श्रद्धालु पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा की पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते है। वही नवदम्पति जोड़े मोर सेराय कर सुखमय जीवन की कामना करते हैं।
बताते चले कि सन 1957 में मंदिर का निर्माण पंडित स्व. भुनेश्वर गिरी एवं ग्रामीणों की सहयोग से की गई थी। इसके बाद पूजा पाठ की शुरुआत हुई, जो आज भी बरकरार हैं। वर्तमान में यहां उनके पुत्र पंडित रामशरण गिरी के द्वारा पूजा अर्चना की जाती हैं। पंडित ने कहा पोना पर्वत धाम आस्था का केंद्र है।


