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भागदौड़ भरी जिंदगी में भारतीय संस्कृति और जड़ों से जुड़ने की जरूरत : बीएल भूरा

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रिपोर्ट एस कुमार

रामगढ़। आज की तेज रफ्तार और प्रतिस्पर्धा भरी जिंदगी में इंसान सफलता की दौड़ में लगातार आगे बढ़ना चाहता है। आधुनिक तकनीक और सुविधाओं ने जीवन को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इस चकाचौंध में मन का सुकून और भीतर का संतोष कहीं खोता जा रहा है। उक्त बातें साहित्यकार एवं लेखक बीएल भूरा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आज रिश्तों में दूरियां बढ़ती जा रही हैं।

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पहले परिवार और समाज में अपनापन, सहयोग और सादगी देखने को मिलती थी, लेकिन अब दिखावे और भौतिकता ने सामाजिक मूल्यों को कमजोर कर दिया है। कर्ज लेकर भव्य शादी, महंगे आयोजन और स्टेटस दिखाना लोगों की मजबूरी बनता जा रहा है, जबकि सच्चा सुख संतोष, संस्कार और अच्छे व्यवहार में निहित है। बीएल भूरा ने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति के मूल मंत्र माता पिता देवो भव, अतिथि देवो भव और वसुधैव कुटुम्बकम् आज भी समाज को जोड़ने का सबसे बड़ा आधार हैं।

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उन्होंने कहा कि जिस संस्कृति में माता-पिता को भगवान का दर्जा दिया गया हो, वहां वृद्धाश्रम की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खान-पान और जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले लोग बाजरा, ज्वार, मक्का, छाछ और दही जैसे सात्विक भोजन का सेवन करते थे, जिससे शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता था। आज फास्ट फूड और अनियमित खानपान के कारण डायबिटीज, बीपी और मोटापा जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसलिए प्राकृतिक और संतुलित आहार अपनाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने भारतीय पटेलिया आदिवासी समाज की संस्कृति को प्रकृति संरक्षण की मिसाल बताते हुए कहा कि यहां पेड़, नदी और धरती को पूजनीय माना जाता है। हलमा जैसी परंपराएं समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती हैं। लेकिन आज प्लास्टिक, केमिकल और प्रदूषण ने प्रकृति को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में वृक्षारोपण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी हो गया है। अंत में बीएल भूरा ने कहा कि आधुनिकता जरूरी है, लेकिन संस्कृति और संस्कारों के बिना विकास अधूरा है। यदि इंसान अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ा रहेगा, तभी जीवन संतुलित, सुखमय और सफल बन सकेगा।

G. Reddy

जी रेड्डी एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। वे "समाचार संध्या" नामक वेब पोर्टल संचालित करते हैं, जो समसामयिक घटनाओं पर गहरी विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग करता है। उनका उद्देश्य समाज को सही और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करना है।
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