रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के राष्ट्रीय आह्वान पर मंगलवार को रामगढ़ शहर में महिला आरक्षण कानून को बिना शर्त तत्काल लागू करने की मांग को लेकर विशाल प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च का नेतृत्व ऐपवा की रामगढ़ जिला सचिव नीता बेदिया तथा कांति देवी और नितू बेदिया ने किया। इसमें सुरती देवी, झूमा घोषाल, सीता देवी, धनमती देवी, दशमी देवी, श्रुति देवी, सुखमनी देवी, पारो देवी, शकुंतला देवी, माही देवी, कौशल्या देवी, संगीता देवी, शांति देवी, सुधा देवी, बसंती देवी, सुनीता देवी, प्रिया देवी, मंजू देवी, निमिया देवी, संजवा देवी, हेमंती देवी, पुरनी देवी, कविता देवी, पुष्पा देवी, मुलैया देवी, नमिता देवी, पंचमी देवी, संजोती देवी सहित सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया।
महिलाएं झंडा-बैनर के साथ शहर में मार्च करते हुए महिला आरक्षण के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर रही थीं। प्रदर्शनकारियों ने 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू करने, लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने, जनगणना और परिसीमन की शर्त हटाने तथा महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार रोकने की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए गए। सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की जिला सचिव नीता बेदिया ने कहा कि वर्ष 2023 में सभी दलों की सहमति से महिला आरक्षण कानून पारित किया गया था,
लेकिन अब इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर लागू करने में देरी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को अनावश्यक शर्तों से जोड़कर इसके क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न कर रही है। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण कानून से परिसीमन की शर्त हटाकर इसे तत्काल लागू किया जाए। साथ ही पिछड़ा, अति पिछड़ा एवं अन्य वंचित वर्गों की महिलाओं के लिए महिला आरक्षण के भीतर अलग से आरक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि संसद और विधानसभाओं में सभी वर्गों की महिलाओं को समुचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
ऐपवा ने कहा कि चुनाव क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया राज्यों और संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श एवं सहमति के आधार पर होनी चाहिए। संगठन का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में सरकार अपनी राजनीतिक मंशा के अनुरूप परिसीमन करना चाहती है। इस कारण महिला आरक्षण को किसी भी शर्त से मुक्त कर तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए।