- राजस्व शिविर एवं प्रखंड सह अंचल कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
- निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों को लेकर प्रखंड, अंचल एवं बाल विकास कार्यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों का अगले आदेश तक वेतन किया गया बंद
- एक हफ्ते में नहीं हुआ सुधार तो अग्रतार कार्रवाई कर होगी विभागीय कार्रवाई
रिपोर्ट कृष्णा करमाली।
चितरपुर (रामगढ़)। उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज ने सोमवार को चितरपुर प्रखंड का दौरा कर राजस्व शिविर, प्रखंड सह अंचल कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालयों में संचालित कार्यों, अभिलेखों के संधारण, साफ-सफाई, कर्मियों की उपस्थिति एवं आमजनों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने राजस्व शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं एवं राजस्व संबंधित सेवाओं का लाभ आमजनों तक पारदर्शी एवं त्वरित रूप से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही उपायुक्त ने शिविर के दौरान प्राप्त हो रहे आवेदनों को यथासंभव शिविर में ही निष्पादित करने का निर्देश दिया वहीं जिन मामलों का निष्पादन शिविर के दौरान संभव नहीं है उन्हें स्पष्ट समय अवधि देते हुए निष्पादित करने का निर्देश दिया। मौके पर उपायुक्त ने शिविर के दौरान निष्पादित आवेदनों के आवेदनकर्ताओं के बीच दाखिल खारिज संबंधित प्रमाण पत्रों का भी वितरण किया।
इसके उपरांत उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों का संधारण संतोषजनक नहीं पाया गया। कई महत्वपूर्ण पंजियों एवं दस्तावेजों का रख-रखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। वहीं कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब पाई गई। इसके अतिरिक्त कार्यालय संचालन से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी कई खामियां पाई गईं।

उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में भी कार्यालयों के समुचित संधारण, अभिलेखों के अद्यतन रख-रखाव एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, बावजूद इसके निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए उपायुक्त ने प्रखंड, अंचल एवं बाल विकास कार्यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों का अगले आदेश तक वेतन बंद करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए।
निर्धारित अवधि में सुधार नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध अग्रेतर कार्रवाई करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजनों को बेहतर प्रशासनिक सेवा उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता दीप्ति प्रियंका कुजूर, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य उपस्थित थे।


