रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता जानकी ठाकुर ने राज्य सरकार से राशन कार्ड से जुड़े हालिया पत्र के संबंध में तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्र जारी होने के बाद राज्य के राशन कार्डधारियों, विशेषकर अन्य राज्यों से पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से झारखंड में रह रहे ओबीसी, अनुसूचित जाति (हरिजन) एवं आदिवासी परिवारों के बीच यह आशंका व्याप्त हो गई है कि कहीं उनका राशन कार्ड रद्द न कर दिया जाए।
जानकी ठाकुर ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि राशन कार्ड एवं खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से संचालित होती है, इसलिए इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में गरीब, भूमिहीन, हरिजन, आदिवासी एवं ओबीसी परिवारों के पास न तो जमीन है और न ही खतियान।
ऐसे में वे जाति प्रमाण पत्र कैसे बनवाएंगे, इस पर सरकार को स्पष्ट नीति घोषित करनी चाहिए। यदि बिना खतियान के जाति प्रमाण पत्र बन सकता है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए, अन्यथा ग्राम मुखिया या स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आवश्यक प्रमाणित करने का अधिकार दिया जाए। राजद नेता ने कहा कि वर्तमान स्थिति से आम लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
लोगों को आशंका है कि केवल कुछ वर्गों को ही लाभ मिलेगा, जबकि बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थी राशन कार्ड कटने के डर से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार “मइयां सम्मान योजना” जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर राशन कार्ड बंद होने की चर्चाओं से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। जानकी ठाकुर ने सरकार से मांग की कि राशन कार्ड बंद या रद्द होने की अफवाहों पर तत्काल आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए। साथ ही खतियान-विहीन तथा वर्षों से झारखंड में रह रहे गरीब परिवारों के हित में सरल एवं व्यावहारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित न हो।
