आज़ाद समाज पार्टी के संस्थापक और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा है कि ‘जिन लोगों का उत्थान हो चुका है, उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं लेना चाहिए’ यह बात आरएसएस प्रमुख को हमें या देश को कहने के बजाय अपनी सरकार को कहना चाहिए.
उन्होंने कहा, “आरएसएस प्रमुख सरकार को कहें कि जल्दी जातीय जनगणना करवाए और उसके आंकड़े सार्वजनिक कर दे ताकि लोगों को पता चल सके किनका उत्थान हो चुका है, कौन मज़बूत हो चुका है, कौन-सा समाज आगे बढ़ गया है, किसकी हिस्सेदारी पूरी हो गई है.”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि नौजवानों को लेकर आरएसएस के मन में विरोध है. नौजवान उन्हें साल 2014 में कंधे पर बैठाकर लाए थे और इस बार उन्हें प्रदेशों और देश से, हर जगह से छोड़कर आएगा.”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को जेन ज़ी से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हुए. वहां पर उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि हाल में हुए जेन-ज़ी प्रदर्शन में जो शिकायतें थीं, वो जायज़ हैं.
इसी कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा, “सामाजिक कारणों से आरक्षण है. जब तक सामाजिक भेदभाव है, आरक्षण चलेगा. जिनको मिल गया और जिनका ठीक हो गया, उन्हें बड़ा दिल दिखाकर दे देना चाहिए. और अगर ठीक से होता है तो वहां ऐसे स्वर भी उठ रहे हैं, ऐसे थोड़े कम स्वर हैं लेकिन उठ रहे हैं कि अब हमारा हो गया तो दूसरे को दे दो.”

चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, “प्रधानमंत्री जी को ‘हैंडलूम दिवस’ याद है, जबकि आज ही के दिन यानी 7 अगस्त 1990 को तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने मंडल कमीशन की सिफ़ारिशों को लागू करने की बात कही थी. कमीशन की 40 में से 2 सिफ़ारिशें लागू हुई हैं. मुझे अच्छा लगता कि प्रधानमंत्री जी लोगों को ‘मंडल दिवस’ की भी बधाई देते.”
हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा (हथकरघा) दिवस मनाया जाता है. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर हैंडलूम दिवस को लेकर संदेश दिया था.
‘प्रदर्शनकारी जेन ज़ी एंटी-नेशनल नहीं हैं’: युवाओं से क्या-क्या बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
