निरीक्षक टोली ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं व्यवस्थागत गतिविधियों का लिया जायजा
आचार्यों को नवीन शिक्षण तकनीक अपनाने एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर
रजरप्पा। कोयलांचल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर, रजरप्पा प्रोजेक्ट में शनिवार को विद्या विकास समिति, रांची द्वारा गठित निरीक्षक टोली ने विद्यालय का शैक्षणिक निरीक्षण किया। निरीक्षण टोली में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सरूबेरा कुंदरिया के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार मिश्र, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गिद्दी बस्ती के प्रधानाचार्य रविन्द्र मिश्रा एवं रामप्रसाद चंद्रभान सरस्वती विद्या मंदिर, रामगढ़ के आचार्य सुनील कुमार शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान शून्य कालांश से लेकर अवकाश तक विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया गया। टोली ने वंदना सभा, कक्षा-कक्ष, कार्यालय, पुस्तकालय, प्रयोगशाला एवं संगणक कक्ष सहित विभिन्न विभागों की पंजी एवं अभिलेखों का निरीक्षण किया। इसके अलावा बाल संसद के भैया-बहनों के साथ बैठक कर उनकी गतिविधियों एवं कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। निरीक्षण के उपरांत आचार्यों के साथ बैठक आयोजित की गई।
इसमें निरीक्षक टोली के सदस्यों ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं व्यवस्थागत गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव दिए। प्रधानाचार्य दिनेश कुमार मिश्र ने पंचपदी शिक्षण पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते समय के अनुरूप शिक्षण एवं कार्यशैली में निरंतर बदलाव आवश्यक है। विद्यार्थियों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप आचार्यों को स्वयं को अपडेट करते हुए शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना चाहिए।
वहीं प्रधानाचार्य रविन्द्र मिश्रा ने कहा कि शिक्षण को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने नवीन शिक्षण तकनीकों, आत्ममूल्यांकन एवं अनुभव-साझाकरण को अपनाने पर जोर दिया।
निरीक्षक टोली ने विद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों की सराहना करते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही। अंत में विद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद ने निरीक्षक टोली के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त सुझाव विद्यालय के विकास एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।
