गरिमा केंद्र में दर्ज 8 मामलों की हुई समीक्षा, अधिकारियों ने महिला सशक्तिकरण एवं त्वरित न्याय के लिए सहयोग का दिया भरोसा
रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। चितरपुर प्रखंड कार्यालय सभागार में शुक्रवार को सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जेंडर रिसोर्स सेंटर (गरिमा केंद्र) के कार्यों, महिला हिंसा से संबंधित मामलों की प्रगति तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में एलआरडीसी दीप्ति प्रियंका कुजूर, प्रखंड विकास पदाधिकारी दीपक मिंज, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रेणुका कुमारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक लुकेश्वर साव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सदस्य मोहन महतो, रजरप्पा थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, प्रदान संस्था के प्रतिनिधि, जिला सामाजिक प्रबंधक सौरभ प्रसाद, संकुल संगठन की अध्यक्ष साबित देवी, सचिव सुशीला देवी, सीसी संजना कुमारी समेत सभी पंचायतों की जेंडर सीआरपी उपस्थित रहीं।
बैठक के दौरान गरिमा केंद्र, चितरपुर में अब तक पंजीकृत महिला हिंसा से संबंधित कुल आठ मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। मामलों के निष्पादन, प्रगति एवं समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही उपस्थित सदस्यों को केंद्र की गतिविधियों एवं समुदाय पर पड़ रहे उसके सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी गई। रजरप्पा थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने गरिमा केंद्र के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए पुलिस प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
वहीं बीडीओ दीपक मिंज ने भी पूर्व की भांति आगे निरंतर सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में उपस्थित प्रमुख द्रौपदी देवी ने भी महिला हित से जुड़े कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने गरिमा केंद्र में आरओ फिल्टर युक्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक पहल एवं सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही। एलआरडीसी दीप्ति प्रियंका कुजूर ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर (गरिमा केंद्र) महिलाओं को सहायता, परामर्श और न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने केंद्र की सेवाओं को अधिक से अधिक जरूरतमंद एवं पीड़ित महिलाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर महिलाओं एवं समुदाय से जुड़े मुद्दों के समाधान को अधिक प्रभावी बनाना था। सभी उपस्थित सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण और महिला हिंसा से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
बैठक के समापन पर नशा मुक्ति अभियान के तहत उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मियों एवं प्रतिभागियों को निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही सभी को नशा मुक्ति एवं मादक पदार्थ निषेध की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता फैलाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।