नई शिक्षा नीति के तहत प्रोजेक्ट इंपैक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, छात्रवृत्ति एवं सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की प्रगति की समीक्षा
रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। उपायुक्त ऋतुराज ने बुधवार को जिले के सभी सरकारी उच्च विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर विद्यालयों में संचालित विभिन्न शैक्षणिक एवं छात्र हित से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत संचालित प्रोजेक्ट इंपैक्ट की प्रगति की समीक्षा करते हुए विद्यालयों में टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मैटेरियल), प्रार्थना सभा (असेंबली), सिक रूम, चेतना सत्र सहित अन्य गतिविधियों के नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन की जानकारी ली।
उन्होंने सभी प्राचार्यों को इन गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त ने रेल परियोजना के तहत आगामी 6 एवं 7 जुलाई को विद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने परीक्षा के सफल एवं पारदर्शी संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही बताया कि प्रश्न पत्र जिला स्तर से उपलब्ध कराए जाएंगे तथा परीक्षा संचालन से संबंधित अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यालय के एक भी पात्र छात्र-छात्रा को छात्रवृत्ति योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत आवेदन सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूर्ण कराने का निर्देश दिया। बैठक में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी योग्य छात्राओं को इस योजना से जोड़ने तथा उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि छात्राओं के शैक्षणिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र छात्रा तक पहुंचना चाहिए। उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, नियमित शैक्षणिक गतिविधियों एवं छात्र हित से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों का सफल निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।