रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा एमईईटीए रामगढ़ पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों के निष्पादन को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों एवं प्रखंडों से संबंधित लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि वर्तमान में एमईईटीए पोर्टल पर कुल 1180 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 592 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है।
उपायुक्त ने विभागवार लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करें।
बैठक के दौरान उपायुक्त के द्वारा सीपी ग्राम पोर्टल पर आए मामलों की भी विभागवार समीक्षा की गई एवं अधिकारियों को तीव्र गति से मामले निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही झार सेवा पोर्टल पर सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत आए मामलों के निष्पादन पर उपायुक्त ने असंतोष व्यक्त करते हुए सभी अंचल अधिकारियों को तीव्र गति से मामले निष्पादित करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा जिला स्तर से सभी प्रखंडों के लिए प्रतिनियुक्त वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने प्रखंडों से संबंधित लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें तथा निष्पादन प्रक्रिया में तेजी लाना सुनिश्चित करें। उपायुक्त द्वारा पूर्व में सभी कार्यालय प्रधानों को प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को अपने-अपने कार्यालय में साप्ताहिक बैठक आयोजित करने हेतु दिए गए निर्देश के आलोक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विभिन्न विभागों से उनके उनके यहां साप्ताहिक बैठक के आयोजन एवं उसमें लिए गए निर्णयों की जानकारी ली एवं इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर आम जनता की समस्याओं का समाधान करने, जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करने एवं जन शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समाहरणालय के वरीय पदाधिकारी, पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं जन शिकायत कोषांग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।