रिपोर्ट एस कुमार
सिरका। संयुक्त मोर्चा के प्रमुख नेताओं की बैठक रविवार को मजदूर नेता पुरुषोत्तम पाण्डेय के आवास पर वरिष्ठ मजदूर नेता बैजनाथ मिस्त्री की अध्यक्षता में हुई। बैठक में अरगड़ा क्षेत्र की सभी परियोजनाओं में तमाम मजदूरों को 100 प्रतिशत संडे देने की मांग को लेकर संयुक्त मोर्चा द्वारा चलाए जा रहे पिट मीटिंग कार्यक्रम के पूरा होने के बाद आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। बैठक में एक यूनियन के व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए जा रहे वीडियो पर भी चर्चा की गई।
वीडियो में कही गई बातों पर उपस्थित सभी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। नेताओं ने कहा कि पूरे देश में तमाम श्रमिक संगठन केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड का विरोध कर आंदोलन करते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इससे मजदूरों के हितों पर कुठाराघात होगा। लेकिन सरकार ने इसे लागू कर दिया। इसी क्रम में प्रयोग के तौर पर अरगड़ा प्रबंधन ने गिद्दी ए में इसे टेस्ट किया और औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए प्रबंधन तथा मजदूरों और मजदूर नेताओं के बीच मिल-बैठकर सहमति के आधार पर निर्णय लेने की परंपरा को दरकिनार कर अचानक गिद्दी ए के मजदूरों का संडे बंद कर दिया गया।
इसके बाद बिना मजदूरों और मजदूर नेताओं से बात किए किसी व्यक्ति विशेष को महिमामंडित कर इसे चालू भी कर दिया गया। इसका सभी नेताओं ने कड़ा विरोध किया। नेताओं ने कहा कि प्रबंधन का यह कदम मजदूर एकता को तोड़ने वाला और श्रम संगठनों की अनदेखी करने वाला है। प्रबंधन इसी तरह अपनी तानाशाही करना और मजदूरों की ताकत को कुंद करना चाहती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में नेताओं ने कहा कि अरगड़ा क्षेत्र के मजदूरों ने अपने खून-पसीने से मेहनत कर लगातार तीन वर्षों से विपरीत परिस्थितियों में अपने लक्ष्य से अधिक उत्पादन किया है और पूरे सीसीएल में अव्वल रहा है। ऐसे में क्षेत्र के सभी मजदूरों को संडे का लाभ मिलना चाहिए।
नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन मिलीभगत कर मजदूर एकता को तोड़ने के उद्देश्य से किसी एक यूनियन के लोगों के माध्यम से सोशल मीडिया पर मजदूर संगठनों को डराने-धमकाने और मजदूरों को दिग्भ्रमित करने का काम कर रही है। नेताओं ने कहा कि अरगड़ा क्षेत्र का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। यहां के मजदूर न डरने वाले हैं और न ही दिग्भ्रमित होने वाले हैं। संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि प्रबंधन के पक्ष में खड़े होकर मजदूरों को धमकाना बंद करें और प्रबंधन के कुचक्र से बाहर आकर मजदूरों के पक्ष में संडे के लिए लड़ाई करें। बैठक में मुख्य रूप से मजदूर नेता बैजनाथ मिस्त्री, शशि भूषण सिंह, अरुण सिंह, पुरुषोत्तम पाण्डेय, धनेश्वर तुरी, गौतम बनर्जी, जन्ममेय सिंह, मधुसूदन सिंह, कृष्णा सिंह आदि उपस्थित थे।
