मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है. बीजेपी ने जहां इसे ‘सत्य की जीत‘ बताया है, वहीं कांग्रेस ने इसे ‘सीट चोरी‘ कहा है.
इसके बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल समेत कई पार्टी नेता नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर पहुंचे.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग के दफ़्तर के बाहर सुरक्षाकर्मियों से दरवाज़ा खोलने के लिए कहा. उनका कहना था कि वो अपनी याचिका देने के लिए आए हैं. इसके बाद पार्टी नेता कुछ समय के लिए वहीं धरने पर बैठ गए.
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि धरने पर बैठने के बाद उनके पत्र को क्लर्क ने लिया.
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब तक उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जाता तब तक वो धरने पर बैठेंगे. हालांकि बाद में उन्होंने बताया कि शाम 7.25 बजे चुनाव आयोग ने उनका पत्र ले लिया था.
केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग के दफ़्तर जाते हुए पत्रकारों से नामांकन रद्द होने को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या हो गई है.
मध्य प्रदेश में बीजेपी ने निर्वाचन अधिकारी के आगे मंगलवार की सुबह आपत्ति दर्ज कराई थी. बीजेपी का आरोप था कि नटराजन ने एक क़ानूनी मामले के बारे में नामांकन दस्तावेज़ों में जानकारी नहीं दी थी.
इमेज कैप्शन,नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश चुनाव आयोग पहुंचे हैं
इसके बाद मंगलवार शाम को अपने आदेश में रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेज़ों की जांच के बाद यह पाया गया कि मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फ़ॉर्म 26 में “उक्त न्यायालय परिवाद का उल्लेख नहीं करके अपना शपथ पत्र अपूर्ण प्रस्तुत किया है.”