रजरप्पा। झारखण्ड की राजधानी रांची मे प्रदेश कांग्रेस कमिटी का एक प्रतिनिधिमंडल महासचिव आलोक कुमार दूबे, डॉ. राजेश गुप्ता, राजीव रंजन प्रसाद, फिरोज रिजवी मुन्ना, अभिषेक साहू एवं मेंहुल दूबे के नेतृत्व में उद्योग संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा तथा समिति के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर रांची स्थित हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC) के समग्र पुनरुद्धार आधुनिकीकरण,वित्तीय पुनर्गठन एवं उत्पादन क्षमता के पुनर्स्थापन को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने संसदीय समिति के समक्ष एचईसी की वर्तमान स्थिति, कर्मचारियों की समस्याओं तथा संस्थान की उत्पादन क्षमता को पुनः पटरी पर लाने की आवश्यकता से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं को रखा। ज्ञापन में कहा गया कि एचईसी की स्थापना देश में भारी एवं विशाल औद्योगिक संयंत्रों के निर्माण की आत्मनिर्भर क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। एचईसी ने देश के अनेक महत्वपूर्ण औद्योगिक संयंत्रों, परियोजनाओं एवं आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इसलिए इसे किसी सामान्य सार्वजनिक उपक्रम के रूप में नहीं, बल्कि देश की रणनीतिक औद्योगिक संपदा के रूप में देखा जाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि एचईसी झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इसके पास जमीन, आधारभूत संरचना, अनुभवी मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता आज भी मौजूद है। केंद्र सरकार को तत्काल विशेष वित्तीय पैकेज देकर एचईसी को पुनर्जीवित करना चाहिए।
कांग्रेस पार्टी एचईसी के कर्मचारियों और झारखंड के औद्योगिक हितों की लड़ाई मजबूती से जारी रखेगी। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि एचईसी के पुनरुद्धार के लिए तत्काल विशेष वित्तीय पैकेज उपलब्ध कराया जाए, ताकि संस्थान की कार्यशील पूंजी की समस्या दूर हो सके और लंबित कार्यादेशों को समय पर पूरा किया जा सके। ज्ञापन में एचईसी की पुरानी एवं जर्जर मशीनरी के आधुनिकीकरण, नई तकनीक एवं अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा उत्पादन इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से पुनः पूरी क्षमता से संचालित करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग रखी कि एचईसी के ऊपर वर्तमान वित्तीय देनदारियों एवं पुराने ऋणों के पुनर्गठन के लिए केंद्र सरकार विशेष नीति तैयार करे, ताकि संस्थान पर वित्तीय बोझ कम हो और वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके।.राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि एचईसी को केवल आर्थिक घाटे के आंकड़ों से नहीं देखा जा सकता, क्योंकि यह देश की रणनीतिक औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने वाला संस्थान है।
नियमित कार्यादेश और पर्याप्त कार्यशील पूंजी मिलने पर एचईसी अपनी उत्पादन क्षमता को फिर से हासिल कर सकता है। केंद्र सरकार को रक्षा, रेलवे, ऊर्जा, इस्पात और खनन जैसे क्षेत्रों के कार्यादेशों में एचईसी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एचईसी के पास कुशल एवं अनुभवी इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों की बड़ी कार्यशक्ति है। उनके अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए संस्थान को पुनः देश की अग्रणी भारी इंजीनियरिंग कंपनी के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
ज्ञापन में नियमित कार्यादेश उपलब्ध कराने के साथ-साथ रक्षा, रेलवे, ऊर्जा, इस्पात, खनन एवं अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की परियोजनाओं में एचईसी को प्राथमिकता देने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों के लंबित वेतन एवं अन्य वैधानिक देनदारियों के समाधान, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाये के भुगतान तथा कर्मचारियों के सामाजिक एवं आर्थिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि एचईसी की वर्तमान स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन संस्थान में पुनरुद्धार की पूरी क्षमता मौजूद है।
आधुनिक तकनीक, पर्याप्त पूंजी और नए कार्यादेश के साथ एचईसी को फिर से लाभकारी एवं मजबूत सार्वजनिक उपक्रम बनाया जा सकता है। कर्मचारियों के लंबित वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों के बकाये का शीघ्र भुगतान भी पुनरुद्धार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एचईसी के पुनरुद्धार से केवल रांची और झारखंड को ही लाभ नहीं होगा, बल्कि इससे देश की ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को भी मजबूती मिलेगी। भारी इंजीनियरिंग क्षेत्र में देश की विदेशी निर्भरता कम करने में एचईसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि संसदीय समिति केंद्र सरकार को एचईसी के लिए समयबद्ध पुनरुद्धार रोडमैप तैयार करने की सिफारिश करे और इसके क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एचईसी के पास जमीन, आधारभूत संरचना, तकनीकी क्षमता, अनुभवी मानव संसाधन और औद्योगिक विरासत मौजूद है। आवश्यकता केवल ठोस नीति, पर्याप्त वित्तीय सहयोग और राजनीतिक इच्छाशक्ति की है,कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि एचईसी को बंद करने या उसकी परिसंपत्तियों को कमजोर करने के बजाय उसे पुनर्जीवित कर देश की औद्योगिक शक्ति का केंद्र बनाया जाना चाहिए।
संसदीय समिति के अध्यक्ष तिरुचि शिवा ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि एचईसी के मुद्दे को लेकर समिति गंभीरतापूर्वक अध्ययन कर रही है और संस्थान के पुनरुद्धार से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है,कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एचईसी झारखंड की औद्योगिक पहचान और देश की सार्वजनिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण धरोहर है। इसके पुनरुद्धार के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ ठोस वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णय की आवश्यकता है। कांग्रेस पार्टी एचईसी के कर्मचारियों, उनके परिवारों और झारखंड के औद्योगिक हितों की आवाज लगातार उठाती रहेगी।
