रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। दिव्यांगजनों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा एवं सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिव्यांग परिवर्तन फाउंडेशन के तत्वावधान में मांडू प्रखंड अंतर्गत मांडू डीह पंचायत भवन में पंचायत स्तरीय एक दिवसीय जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक सह जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अतहर अली ने की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मांडू डीह पंचायत के मुखिया बैजनाथ राम रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में लीड्स के जिल समन्वयक उमेशकुमार, युवा फाउंडेशन के जयराम साहू कुलदीप मेहता वार्ड प्रमिला देवी, उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्यांग परिवर्तन फाउंडेशन के निदेशक सह जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अतहर अली द्वारा झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुमित कुमार सोनू के निधन पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि देने के साथ किया गया।
इसके पश्चात उपस्थित सभी अतिथियों, दिव्यांगजनों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर संस्था द्वारा पंचायत के मुखिया बैजनाथ राम को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का भी अंगवस्त्र देकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के निदेशक सह जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अतहर अली ने कहा कि इस जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी पात्र दिव्यांगजन सरकारी सुविधाओं एवं अपने अधिकारों से वंचित न रहे।
संस्था के संरक्षक शाहिद सिद्दीकी ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन दिव्यांगजनों का अभी तक यूडीआईडी कार्ड नहीं बना है, वे संस्था के माध्यम से अपना यूडीआईडी कार्ड बनवाएं, ताकि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी हो। कार्यक्रम में दिव्यांग रविंद्रकुमार ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रमुख प्रावधानों एवं दिव्यांगजनों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने पंचायत स्तर से मिलने वाली विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र लाभार्थी प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना, मनरेगा, बकरी पालन, सूअर पालन, दुग्धारू गाय सहित विभिन्न स्वरोजगार एवं कल्याणकारी योजनाओं के लिए पंचायत स्तर से आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण कोऑर्डिनेटर गुड़िया कुमारी गुप्ता ने विशेष रूप से 06 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग छात्र-छात्राओं की शिक्षा एवं उनके अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को लेकर सरकार द्वारा विशेष व्यवस्था की जा रही है।
जो दिव्यांग छात्र-छात्राएं किसी कारणवश नियमित रूप से विद्यालय नहीं जा पाते हैं, उनके नाम को केवल अनुपस्थिति के आधार पर विद्यालय से नहीं काटा जाना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों को शिक्षा से जुड़ी सरकारी सुविधाओं एवं सहयोग की जानकारी भी दी।मुख्य अतिथि बैजनाथ राम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग परिवर्तन फाउंडेशन द्वारा पंचायत भवन में आकर दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देना सराहनीय पहल है।
उन्होंने उपस्थित दिव्यांगजनों से अपील की कि जिनका यूडीआईडी कार्ड अभी तक नहीं बना है, वे संस्था अथवा पंचायत के माध्यम से अपना कार्ड बनवाएं और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने SIR के संबंध में भी उपस्थित लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि संबंधित फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरें। फॉर्म भरने में किसी प्रकार की परेशानी होने पर पंचायत स्तर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचायत हमेशा दिव्यांगजनों के साथ खड़ी है और उनके हित में आवश्यक सहयोग करती रहेगी। कार्यक्रम में मांडू डीह पंचायत के लगभग 125 दिव्यांगजन, उनके अभिभावक एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों ने सरकारी योजनाओं, शिक्षा, यूडीआईडी कार्ड, सामाजिक सुरक्षा एवं स्वरोजगार से संबंधित जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को भी रखा
कार्यक्रम को सफल बनाने में मांडू प्रखंड की प्रखंड कोऑर्डिनेटर गुड़िया कुमारी गुप्ता, अंजली कुमारी सहित लीड्स संस्था के सोशल वॉलिंटियर शिव शंकर गंझू रूबी देवी, सीमा कुमारी, विभा कुमारी, सीमा कुमारी, संजना देवी, दिलीप टुडू अन्य पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दिव्यांग परिवर्तन फाउंडेशन ने कहा कि संस्था भविष्य में भी पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ऐसे जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं आत्मनिर्भरता के अवसरों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
