विभागीय समन्वय से तैयार होगी ग्रामवार एवं योजनावार कार्ययोजना, प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ
रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट समर्थ के अंतर्गत चिन्हित पीवीटीजी एवं एसटी-बहुल ग्रामों के समग्र एवं समावेशी विकास को लेकर संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिन्हित ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट समर्थ के अंतर्गत चिन्हित प्रत्येक ग्राम का ग्रामवार एवं योजनावार सर्वेक्षण कराकर वर्तमान स्थिति का विस्तृत आकलन किया जाए। सर्वेक्षण के दौरान गांव में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा आवश्यक सुविधाओं का स्पष्ट विवरण तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि वास्तविक जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जा सके।
उन्होंने संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करते हुए ग्रामवार कार्ययोजना तैयार करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि पीवीटीजी एवं एसटी-बहुल ग्रामों का विकास किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों के सामूहिक प्रयास एवं बेहतर समन्वय से ही इन गांवों में अपेक्षित बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, आवास, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं एवं आवश्यकताओं का आकलन करते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि चिन्हित ग्रामों में विकास कार्य केवल योजनाओं के संचालन तक सीमित न रहें, बल्कि उनका परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट समर्थ के अंतर्गत संचालित कार्यों की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जाएगा। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे तथा प्रोजेक्ट समर्थ के अंतर्गत चिन्हित ग्रामों में विकास कार्यों को प्रभावी, समयबद्ध एवं परिणामोन्मुख तरीके से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए
