कर्मा पूजा हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, प्रकृति प्रेम और आपसी भाईचारे का पर्व है – सचिव प्रियंका कुमारी
रजरप्पा। सोमवार को राधा गोविन्द विश्वविद्यालय परिसर में प्रकृति, संस्कृति एवं पारंपरिक लोक आस्था के प्रतीक कर्मा पूजा महोत्सव का आयोजन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कर्म देवता की पूजा-अर्चना की तथा सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान कर्मा पर्व के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान, भाई-बहन के स्नेह, सामुदायिक एकता तथा लोक संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। विद्यार्थियों ने पारंपरिक गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से झारखंड की समृद्ध लोक परंपरा को प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह ने समस्त विश्वविद्यालय परिवार को कर्मा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कर्मा पर्व झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी लोक-संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कर्मा पूजा हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, प्रकृति प्रेम और आपसी भाईचारे का पर्व है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ समाज में एकता एवं सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो (डॉ) रश्मि, कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, व्याख्यातगण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन पूजा-अर्चना, मंगलकामना एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। विश्वविद्यालय परिवार ने सभी को कर्मा पर्व की शुभकामनाएं दीं।
