करमा में गूंजे पारंपरिक लोकगीत और मांदर की थाप पर थिरके, मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
रजरप्पा । डॉ. एस. राधाकृष्णन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सुकरीगढ़ा, लारी, रामगढ़ के बहुद्देशीय सभागार में करमा पर्व के पूर्व दिवस पर करमा महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास, उमंग एवं पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ किया गया। कार्यक्रम में प्रकृति, संस्कृति, परंपरा और भाईचारे का सुंदर संगम देखने को मिला।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सम्मानित सदस्य श्री मनीष कुमार तथा विशिष्ट अतिथि मातृ संस्था जन आकांक्षा के सचिव श्री मणिकांत सिन्हा उपस्थित रहे। इसके अलावा महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री रितेश कुमार, सचिव डॉ. संजय कुमार प्रभाकर एवं सम्मानित सदस्य श्री बिरेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ पाहन कालीचरण मुंडा द्वारा विधि-विधानपूर्वक करमा डाली का पूजन कर किया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय के प्रशिक्षुओं ने ढोल-नगाड़े एवं मांदर की थाप पर पारंपरिक लोकगीत, झूमर एवं नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां देकर सभागार को उत्साह एवं उमंग से भर दिया।
करमा पर्व की महत्ता, प्रकृति संरक्षण एवं सामाजिक एकता से संबंधित अपने विचार प्रशिक्षु भावना, लक्ष्मी, पूनम, मनोरमा, सुमन, सुमी राम सहित अन्य प्रशिक्षुओं ने प्रस्तुत किए। वहीं ईशा कुमारी, निकिता एवं उनके समूह द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य ने उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। सांस्कृतिक एवं विचार प्रस्तुति के अंतर्गत झूमर प्रस्तुति के लिए सुनीता एवं उनके समूह को प्रथम स्थान प्रदान किया गया। स्थानीय खोरठा भाषा में करमा पर्व की प्रस्तुति देने वाले प्रशिक्षु दिनेश कुमार महतो को द्वितीय स्थान तथा पारंपरिक लोकगीत के माध्यम से करमा पर्व की जानकारी प्रस्तुत करने वाली राखी कुमारी को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि मनीष कुमार ने अपने संबोधन में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सभी को संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने करमा पर्व को भाईचारे, एकजुटता एवं सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया।महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री रितेश कुमार ने करमा-धरमा की कथा का सार प्रस्तुत करते हुए करमा पर्व की सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को प्रकृति से जुड़ने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य नयन कुमार मिश्रा, सहायक प्राध्यापक श्री मोहम्मद परवेज अख्तर, श्रीमती इंदु कुमारी झा, व्याख्याता श्री बाबू चंद प्रसाद, श्रीमती सुप्रिया वर्मन, श्री वरुण कुमार सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम की देखरेख प्रभारी प्राचार्य श्री नयन कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। कार्यक्रम का सफल संचालन बी.एड. सत्र 2025-27 की प्रशिक्षु सोनी कुमारी ने उद्घोषक की भूमिका में किया। अंत में प्रभारी प्राचार्य श्री नयन कुमार मिश्रा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात सभी उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद वितरण किया गया और करमा महोत्सव का समापन हुआ।
