रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी सुधारों तथा उपभोक्ता मांग में आई तेजी के सकारात्मक प्रभाव से झारखंड में मई 2026 के दौरान ऑटोमोबाइल वाहनों की खुदरा बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि राज्य के वाहन बाजार में बढ़ते विश्वास और आर्थिक गतिविधियों में आई मजबूती का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) झारखंड के अनुसार मई 2026 में राज्य में कुल 61,442 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो मई 2025 में दर्ज 58,242 वाहनों की तुलना में 5.49 प्रतिशत अधिक है।
वहीं राष्ट्रीय स्तर पर मई 2026 में 25,31,067 वाहनों की बिक्री हुई, जो मई 2025 के 23,10,451 वाहनों की तुलना में 9.55 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। फाडा झारखंड के चेयरपर्सन गोविंद पी. मेवाड़ ने बताया कि विभिन्न वाहन श्रेणियों में अधिकांश क्षेत्रों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया है। दोपहिया वाहन बिक्री 2.75 प्रतिशत बढ़कर 48,436 इकाई रही, जबकि मई 2025 में यह 47,141 इकाई थी।
तीन पहिया वाहन बिक्री में सर्वाधिक 21.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 2,482 इकाई से बढ़कर 3,006 इकाई पर पहुंच गई। यात्री वाहन श्रेणी में 24.08 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ बिक्री 5,477 से बढ़कर 6,796 इकाई हो गई। ट्रैक्टर बिक्री भी बढ़कर 1,555 इकाई पर पहुंच गई, जबकि मई 2025 में यह 1,320 इकाई थी। हालांकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 4.99 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई और बिक्री 1,663 इकाई से घटकर 1,580 इकाई रह गई।
निर्माण उपकरण श्रेणी में 56.60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जहां बिक्री 159 इकाई से घटकर 69 इकाई रह गई। श्री मेवाड़ ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, ईंधन आपूर्ति संबंधी आशंकाओं और बढ़ती ईंधन कीमतों जैसी चुनौतियों के बावजूद वाहन बिक्री में वृद्धि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की मजबूती और उपभोक्ताओं के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि कर सुधारों और आर्थिक गतिविधियों में तेजी का सकारात्मक असर सरकारी राजस्व पर भी दिखाई दिया है। मई 2026 में जीएसटी संग्रह 1.94 लाख करोड़ रुपये रहा, जो मई 2025 के 1.88 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 3.2 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए आर्थिक एवं कर सुधारों का लाभ एक ओर जहां उपभोक्ताओं को मिला है, वहीं दूसरी ओर व्यापारिक गतिविधियों, औद्योगिक विकास तथा सरकारी राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मई माह के बिक्री आंकड़े यह संकेत देते हैं कि झारखंड सहित देश का ऑटोमोबाइल क्षेत्र आगामी महीनों में भी सकारात्मक गति बनाए रखने की क्षमता रखता है।