अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान पर फिर से हमले शुरू किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इसकी जानकारी दी है.
सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिका के ये हमले ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट में कमर्शियल जहाज़ों पर हाल में किए गए “हमलों के प्रयासों” के बाद किए गए हैं.
ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक़, अमेरिकी हमलों में चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है. 50 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
ईरानी रेड क्रिसेंट ने बताया कि दक्षिणी ईरान के सिरिक में अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद उसके छर्रे वहां चल रहे एक शादी समारोह के दौरान एक घर में जा गिरे. इसी घटना में ये लोग मारे गए और घायल हुए.
इसके जवाब में ईरान ने इराक़ और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. स्थानीय सरकारी मीडिया और जॉर्डन की सशस्त्र सेना ने इसकी जानकारी दी है.
वहीं, कुवैत और बहरीन में भी हमलों की ख़बरें सामने आई हैं.
आईआरजीसी ने कहा है कि अमेरिका को इन हमलों पर “पछताना पड़ेगा”.
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक़, बुधवार तड़के ईरान ने सिरिक हमले के जवाब में जॉर्डन के अकाबा में अमेरिकी मरीन बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की.
जॉर्डन की सशस्त्र सेना ने कहा कि उसने 13 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका. इनमें से 10 को नष्ट कर दिया गया, जबकि तीन मिसाइलें दूरदराज़ के इलाक़ों में गिरीं.
ईरान के इस हमले में किसी की भी मौत या घायल होने की ख़बर नहीं है.
इस बीच, कुवैत की सेना ने कहा है कि बुधवार तड़के ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में उसके एयर डिफ़ेंस सिस्टम एक्टिव थे.
