रिपोर्ट कृष्णा करमाली
चितरपुर (रामगढ़)। भाजपा नेता राजीव पामदत्त ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को लेकर दिया गया बयान निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण एवं उनकी वैचारिक कुंठा को दर्शाने वाला है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद वे अब भी मानसिक रूप से उस सदमे से बाहर नहीं आ पाए हैं और अनर्गल बयानबाजी कर जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उदयनिधि स्टालिन को भारत का गौरवशाली इतिहास पढ़ना चाहिए। इतिहास इस बात का साक्षी है कि जिन-जिन आक्रांताओं और शासकों ने सनातन संस्कृति को समाप्त करने का षड्यंत्र रचा, वे स्वयं इतिहास के पन्नों में विलीन हो गए, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी अजर-अमर है।
सनातन धर्म पूरी दुनिया को “वसुधैव कुटुंबकम”, शांति, सहिष्णुता और मानवता का संदेश दे रहा है। राजीव पामदत्त ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में उदयनिधि जी की जिम्मेदारी है कि वे जनकल्याण, विकास और जनता की समस्याओं को लेकर सरकार से सवाल करें। आस्था पर प्रहार और नकारात्मक राजनीति से न तो विपक्ष मजबूत होगा और न ही जनता का भला होगा। उन्हें अपनी ऊर्जा रचनात्मक राजनीति तथा तमिलनाडु के विकास में लगानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सनातन संस्कृति एवं करोड़ों लोगों की आस्था के अपमान को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से उचित समय पर अवश्य देगी।
