खेतों में उतरकर किसानों से किया संवाद, दुर्गम क्षेत्रों का भ्रमण कर आधुनिक कृषि मॉडलों की समीक्षा
रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज ने बुधवार को गोला प्रखंड के सरला कला एवं औराडीह गांव का भ्रमण कर एकीकृत कृषि (एकीकृत खेती) के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में जाकर किसानों से संवाद किया, खेती में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की तथा विभिन्न कृषि मॉडलों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग आधारित खेती का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एवं एल नीनो जैसी परिस्थितियों को देखते हुए जल संसाधनों का कुशल प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपनाकर कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है तथा खेती को जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक सक्षम बनाया जा सकता है।
इसके उपरांत उपायुक्त ने मल्टी-लेयर फार्मिंग एवं प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन (संरक्षित खेती) मॉडल का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि किसान एक ही खेत में दो से तीन प्रकार की सब्जियों की सफलतापूर्वक खेती कर रहे हैं। उपायुक्त ने इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि इससे भूमि का बेहतर उपयोग, उत्पादन में विविधता तथा किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाएं हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रत्येक पात्र लाभुक को शेड नेट योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे किसान वर्षभर गुणवत्तापूर्ण खेती कर सकें।
भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने ग्राफ्टेड टमाटर की खेती का भी निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से उनके अनुभव साझा किए तथा वैज्ञानिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता दोनों में वृद्धि संभव है। इसके पश्चात उपायुक्त ने सोलर इरिगेशन लिफ्ट परियोजना का निरीक्षण कर इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
उपायुक्त ने इसे सिंचाई के क्षेत्र में एक प्रभावी, किफायती एवं टिकाऊ मॉडल बताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस परियोजना का चरणबद्ध विस्तार पूरे रामगढ़ जिले में किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सके तथा कृषि में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिले। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग, मल्टी-लेयर फार्मिंग, ग्राफ्टेड सब्जी उत्पादन एवं सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई जैसी जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि इन नवाचारों के माध्यम से कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि, जल संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, गोपनीय शाखा प्रभारी रविंद्र गुप्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी गोला सुधा वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉक्टर सुधांशु शेखर, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र डॉक्टर इंद्रजीत, प्रदान संस्था के श्री हिमांशु निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं किसान उपस्थित थे।