मांगों पर एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक कार्रवाई का मिला लिखित आश्वासन
भुरकुंडा (रामगढ़)। सीसीएल परियोजना पदाधिकारी कार्यालय में गुरुवार की शाम सीसीएल प्रबंधन और रैयत विस्थापित मोर्चा के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई। बैठक 10 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन बंदी एवं चक्का जाम आंदोलन के मद्देनजर आयोजित की गई थी। लंबी बातचीत के बाद प्रबंधन द्वारा मांगों पर सकारात्मक पहल का लिखित आश्वासन दिए जाने पर मोर्चा ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।
बैठक में रैयत विस्थापित मोर्चा ने स्थानीय विस्थापितों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। मोर्चा ने बीएलए इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में स्थानीय विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने, रोड सेल कार्य के लिए विस्थापितों का भौतिक सत्यापन शीघ्र पूरा करने तथा मदनाटोड़ (बलकुदरा) स्थित पुनर्वास स्थल पर बिजली के खंभों की मरम्मत, पक्की सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।
सीसीएल प्रबंधन ने मोर्चा की मांगों पर गंभीरता दिखाते हुए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद रैयत विस्थापित मोर्चा ने सर्वसम्मति से 10 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन बंदी एवं चक्का जाम आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की।
बैठक में प्रबंधन की ओर से अजय कुमार सिंह एवं दिव्येन्दु भंडारी उपस्थित रहे। वहीं रैयत विस्थापित मोर्चा की ओर से केंद्रीय कोषाध्यक्ष रंजीत बेसरा, परियोजना अध्यक्ष सन्नी बेसरा, केंद्रीय उपाध्यक्ष बिरेन्द्र मांझी, शंकर मांझी, परियोजना सचिव धनीराम मांझी, प्रिंस बेदिया, मिलन यादव, मुकेश मुंडा, सुनील मुर्मू, ठुरका मांझी सहित कई लोग मौजूद थे।